Sunday, December 29, 2024

नए साल में सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है बड़ा तोहफा, तबादलों से हट सकता है बैन



राजस्थान में लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है, हट सकता है तबादलों पर से बैन।


        जयपुर, दिस. 29, 2024,  08:11 am


जयपुर,  लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों के लिए Good News है। संभावना है कि नए साल में प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा मिल सकता है। सूत्रों की मानें तो भजनलाल सरकार जनवरी में तबादलों से बैन हटा सकती है।
 मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को हुई कैबिनेट बैठक में 17 नए जिलों में से 9 जिलों को समाप्त करने का निर्णय लिया साथ ही तीन नए संभाग भी खत्म कर दिए। बैठक में तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने पर भी चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार सीएम भजनलाल शर्मा ने जनवरी में तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने पर सहमति जताई है। सरकार को अब यह तय करना है कि यह प्रतिबंध सात दिन के लिए हटाया जाए या फिर दस दिन के लिए।
कुछ मंत्रियों की मांग थी कि कम से कम एक माह तक तबादलों पर से प्रतिबंध हटाया जाए, लेकिन इस पर सीएम भजनलाल शर्मा ने किसी तरह की कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। 


कैबिनेट मीटिंग में पहले भी उठा था तबादलों का मुद्दा


पिछले दिनों दो कैबिनेट बैठक में भी मंत्रियों ने तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने का मामला मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया था। इस बार भी कैबिनेट मीटिंग में इस पर चर्चा की गई। ऐसे में अब माना जा है कि सरकारी कर्मचारियों को नई साल में बड़ा तोहफा मिल सकता है।


फरवरी में 10 दिन के लिए हटा था तबादलों से ​बैन


बता दें कि सत्ता में आते ही भजनलाल सरकार फरवरी में 10 दिन के लिए तबादलों पर से प्रतिबंध हटाया गया था। लेकिन, उस वक्त शिक्षा विभाग में तबादले नहीं किए गए थे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने परीक्षाओं का हवाला देते हुए तबादले नहीं करने का निर्णय लिया था।



सरकार क्यों ले सकती है फैसला


माना जा रहा है कि भजनलाल सरकार पर तबादलों पर से प्रतिबंध हटाने को लेकर विधायकों, मंत्रियों, भाजपा संगठन से जुड़े लोगों का लगातार दबाव रहा है। उनका  तर्क है कि कांग्रेस सरकार ने उनके लोगों के बहुत दूर-दूर लगा दिया था। सरकार के बदले हुए एक साल हो गया लेकिन आज भी वे लोग दूर-दूर नौकरी कर रहे हैं।

Sunday, December 22, 2024

नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) नियम 2024







नि: शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (संशोधन) नियम 2024 


इसमें संशोधन से अब पांचवीं एवं आठवीं कक्षा की परीक्षा में न्यूनतम उत्तिर्णांक नहीं लाने वाला विद्यार्थी पुनः उसी कक्षा में रहेगा।

Friday, December 20, 2024

सम्भल के सांसद बर्क बिजली चोर निकले






उत्तर प्रदेश का संभल जिला देश में बिजली चोरी के मामलों में नंबर वन है और यहां के सांसद जिया उर रहमान बर्क पर भी बिजली चोरी का गंभीर आरोप लगा है। बिजली विभाग की जांच में उनके घर में बड़े पैमाने पर बिजली चोरी का मामला सामने आया है।
बिजली विभाग ने हाल ही में सांसद बर्क के घर पर पुराने बिजली मीटर हटाकर नए स्मार्ट मीटर लगाए थे जांच में सामने आया है कि पुराने मीटरों से    छेड़छाड़ की गई थी, जिससे बिजली की खपत के बावजूद रीडिंग शून्य आ रही थी, यह देखकर बिजली विभाग की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सांसद के घर की बिजली काट दी और उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई।


मुख्यमंत्री भजनलाल की दीपावली पर सौगात



मुख्यमंत्री की दीपावली पर सौगात - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य कर्मचारियों के लिए बोनस देने का किया अनुमोदन


जयपुर, 12 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा द्वारा राज्य कर्मचारियों को दीपावली के उपहार के रूप में तदर्थ बोनस देने का अनुमोदन कर दिया गया है, जिससे राज्य सरकार के लगभग 6 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे।

राज्य सेवा के अधिकारियों को छोड़कर, राज्य कर्मचारियों को, जोे राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम, 2017 के पे-मैट्रिक्स के पे लेवल एल-12 अथवा ग्रेड पे-4800 और उससे कम में वेतन आहरित कर रहे हैं, उन्हें वर्ष 2023-24 के लिए तदर्थ बोनस स्वीकार किया गया है। तदर्थ बोनस की गणना अधिकतम परिलब्धियां 7000 रुपये तथा 31 दिन के माह के आधार पर की जाएगी। तदर्थ बोनस 30 दिन की अवधि के लिए देय होगा। तदनुसार प्रत्येक कर्मचारी को अधिकतम 6774 रुपये तदर्थ बोनस देय होगा। जिसमें से 75 प्रतिशत राशि नकद तथा 25 प्रतिशत राशि कर्मचारी के सामान्य प्रावधायी निधि खाते में जमा की जाएगी। 
तदर्थ बोनस का अतिरिक्त वित्तीय भार लगभग 500 करोड़ रुपये होगा।  तदर्थ बोनस पंचायत समिति एवं जिला परिषद कर्मचारियों को भी देय होगा।

Thursday, December 19, 2024

राजस्थान के सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश, अब शिक्षक नहीं पढ़ा सकेंगे ट्यूशन




शिक्षा निदेशक की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार शिक्षा सत्र शुरू होते ही सभी सरकारी विषय अध्यापकों को ट्यूशन नहीं पढ़ाने का शपथ पत्र देना होगा।


             RSSA न्यूज़,19 दिसंबर 2024👉

राजस्थान के सरकारी स्कूलों के शिक्षक अब ट्यूशन और कोचिंग सेंटर में नहीं पढ़ा सकेंगे और ना ही कोचिंग सेंटर चला सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है।
शिक्षा निदेशक बीकानेर, सीताराम जाट ने इस संबंध में नए आदेश जारी किए हैं। सरकारी शिक्षकों की की ओर से ट्यूशन और कोचिंग में पढ़ाने के प्रकरण सामने आने के बाद उनकी इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए निदेशक ने 12 बिंदुओं की गाइडलाइन जारी की है।


        शपथ पत्र देना होगा


       निदेशक की ओर से जारी गाइडलाइन के मुताबिक शिक्षा सत्र शुरू होते ही सभी सरकारी विषय अध्यापकों को ट्यूशन नहीं पढ़ाने का शपथ पत्र देना होगा। सेवारत शिक्षकों का प्राइवेट कोचिंग सेंटरों में पढ़ाने और ट्यूशन करने को विभाग ने गलत माना है।
       शिक्षक और कार्मिको की ओर से विभाग की स्वीकृति के बिना स्वयं के कोचिंग सेंटर चलाने की शिकायत मिलने पर सभी संस्था प्रधानों को ऐसे शिक्षकों को पाबंद करने के आदेश दिए हैं।
शिकायत मिलने पर संबंधित शिक्षकों के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा नियम 1958 तथा राजस्थान सिविल सेवा (आचरण) नियम-1971 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
निदेशक ने जिला शिक्षा अधिकारियों को माध्यमिक स्कूल के निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत संपर्क कर वस्तुस्थिति की जानकारी लेने के निर्देश दिए हैं। आदेश में यह उल्लेख भी किया है कि शिक्षक एक या दो बच्चों को पढ़ा सकते हैं।


विज्ञान, गणित व अंग्रेजी में ट्यूशन की प्रवृत्ति अधिक है


सरकारी स्कूल में अमूमन 10वीं में गणित, विज्ञान व अंग्रेजी तथा उच्च माध्यमिक स्कूलों साइंस, कॉमर्स के ऐच्छिक विषयों में ट्यूशन की प्रवृत्ति अधिक रहती है। सामान्य तौर पर इन विषयों के अधिकतर अध्यापक स्कूलों में ट्यूशन प्रवृत्ति को लेकर स्कूलों में तैयार होकर नहीं पढ़ाते, मजबूरन छात्रों को उनके घर ट्यूशन के लिए जाना पड़ता है। इसको रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने पहले भी आदेश जारी किए थे।


Monday, December 16, 2024

डूंगरपुर जिले के आसपुर ब्लॉक का वाडा घोराप स्कूल, निरीक्षण में 19 में से एक भी स्टूडेंट नहीं मिला, दोनों शिक्षक एपीओ।




आसपुर ब्लॉक का वाडा घोराप स्कूल, निरीक्षण में 19 में से एक भी स्टूडेंट नहीं मिला, दोनों शिक्षक एपीओ


सीबीओ ने नोटिस में लिखा - संस्था प्रधान निठल्ले बैठे थे, दूसरा शिक्षक खाना खाते मोबाइल का स्पीकर ऑन कर महिला से बात कर रहा था।
शिक्षकों पर कार्यवाही तो बनती है मगर CBEO की कार्यशैली भी गलत है, उच्च अधिकारियों को CBEO आसपुर को शिक्षा विभाग व महिला वर्ग की छवि खराब करने का नोटिस देकर निलंबित करना चाहिए!

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