तृतीय श्रेणी अध्यापक तबादले के लिए माननीय का लेटेस्ट बयान देखें, सुनें और फिर वो वाला गाना याद कर गुन गुना लेवें.......
यहाँ तो ये केवल लक्ष्मणगढ(सीकर) के ही शिक्षामंत्री ही बनकर रह गये हैं। राजस्थान के शिक्षामंत्री Govind Singh Dotasara की लगता है माननीय मुख्यमंत्री Ashok Gehlot साहब को जरूरत ही नहीं है । राजस्थान का शिक्षामंत्री बनाने के लिए शायद हमें आगामी विधानसभा चुनावों का इंतजार ही करना पड़ेगा। तबादलों को इन नेताओं ने खुद की जागीर समझ लिया है । शिक्षकों को बंधुआ मजदूर समझ लिया है । हमें अपने दीमाग की बत्ती जलानी पड़ेगी शिक्षक साथियो, नेताओं पर कोई ठोस प्रोजेक्ट तैयार कर सबक सिखाना पड़ेगा
