16 हजार सैकण्ड ग्रेड शिक्षकों से ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद भी मौका नहीं दिया ।
जयपुर । तबादलों को लेकर शिक्षा विभाग फिर चर्चा में आ गया है । परिवेदना की आड़ में प्रोबेशन काल में कार्यरत व्याख्याताओं के तबादला आदेश शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए। व्याख्याता भर्ती 2018 में चयनित विभिन्न विषयों के व्याख्याताओं को अभी हाल ही में पदस्थापन दिया गया था । इनमें से दो दर्जन व्याख्याताओं के तबादला आदेश परिवेदना निस्तारण के नाम पर जारी किए गये हैं । इन आदेशों के जारी होने के बाद राजस्थान शिक्षक संघ आजाद ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किये हैं । संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अरविन्द जाखड़ का कहना है कि राज्य सरकार को तबादलों में एकरूपता रखनी चाहिए । यदि परिवेदना से तबादला करना था तो सभी से ऑनलाइन आवेदन लेकर सभी को राहत देनी चाहिए थी । परिवेदना निस्तारण के नाम पर कुछ क्षेत्र विशेष केे व्याख्याताओं को राहत देना न्याय संगत नहीं है । हालांकि परिवेदना निस्तारण के नाम पर क्षेत्र विशेष के शिक्षकों का तबादला करना डोटासरा की पुरानी आदत है । पूर्व में भी डोटासरा इस प्रकार के क्षेत्र विशेष के लिए तबादले करते आये हैं ।
उधर, इन आदेशों से वरिष्ठ अध्यापक भी नाराज हैं । वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले पिछले दो वर्ष से नहीं हो पाये हैं । लगातार दो वर्ष से वरिष्ठ अध्यापकों से तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए गए थे। लेकिन अबकी बार चुनाव आचार संहिता से ठीक पहले तुरंत फुरंत में केवल लक्ष्मणगढ के वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले तो कर दिये शेष राजस्थान के लिए एक भी तबादला नहीं किया । जबकि तबादलों के लिए विभिन्न जिलों से 16 हजार आवेदन बीकानेर निदेशालय को ऑनलाइन दे रखे हैं।
राजस्थान शिक्षक संघ आजाद के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द जाखड़ ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि समस्त राजस्थान के वरिष्ठ अध्यापकों, प्रबोधकों व तृतीय श्रेणी अध्यापकों के तबादले शीघ्र किये जायें ।
राजस्थान सरकार गलत कर रही है सभी शिक्षकों को स्थानांतरण का है और स्थानांतरण नीति में पारदर्शिता बरतनी चाहिए सरकार को स्थानांतरण की पोस्ट नीति बनानी चाहिए ताकि सभी वर्ग के को शिक्षकों को उसका फायदा मिल सके चाहे वह किसी भी जिले का किसी भी वर्ग का और किसी भी ग्रेड first grade Te third grade
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